जय बिहार

★जय बिहार★

बिहार है स्थल वीर जवानों और अपने इतिहास के गौरवगानो का।
अशोक जैसे वीर यहाँ के जिन्होंने पूरे विश्व मे झंडा गारा बिहार का।
आर्यभट्ट भी यही के जिन्होंने नई परिभाषा सिखाइ दुनिया को गणित का।
गौतम बुद्ध ने भी इसी पावन धरती से दिया सबको नारा भाईचारे का।
चाणक्य ने भी इसी भूमि पे अपनी नीतियों में असल भेद बताया दुनिया का।
माँ सीता भी यही पे जन्मी जिन्होंने पाठ दिया सतीत्व का।
यही ज्ञान भूमि नालंदा जैसी जिसने ज्ञान व मान बढ़ाया बिहार का।

मिथिला,भोजपुर जैसे क्षेत्र यहाँ पे जहाँ की बोली,संस्कृति में एक मिठास है,और बस इतिहास ही नही हमारे नवयुवको से भी बिहार को कुछ आश है।

:-अमित मिश्रा

तेरे जैसा यार कहाँ

#महान_गीतकार_अंजान_के_गीत_से_प्रेरित

तेरे जैसा यार कहाँ ,कहाँ ऐसा याराना
हर कदम हर पल इस दोस्ती को यूं ही निभाना,कभी जरूरत पड़े दोस्ती की तो कसम है जरूर बताना।
तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना…

तेरी मेरी यारी लिखेगी एक नया फसाना,बस कभी इस नाचीज़ को भूल ना जाना
तेरे जैसे दोस्तों से ही बस अब इस नकली दुनिया मे है दिल लगाना।
तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना…

यही ख्वाहिश है उस खुदा से की मेरे दोस्त को कभी मत रुलाना,हो अगर उसकी किस्मत में कोई गम तो मुझे वो सितम दे जाना।
तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना…

:-अमित मिश्रा

किसी नजर को तेरा इंतेज़ार आज भी है

हसन कमल द्वारा लिखित प्रसिद्ध गीत से प्रेरित..

किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है….

तेरे नयनों के तड़पन के दर्शन का ऐतबार आज भी है,
उन प्यारे से लम्हों का इंतज़ार आज भी है।
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है…

तेरे वादों,तेरी बातों,तेरे अल्फ़ाज़ों पे ऐतबार आज भी है,
वो बीते हुए पल,वो बीते हुए कल उस वक़्त के लौटने का इंतज़ार आज भी है।
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है…

तेरी सुरमई वो अँखियाँ वो बारिश की गलियां ,उस बारिश उन गलियों को तेरा इंतज़ार आज भी है।
किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है…

वो कल था ये पल है इस पल को उस कल पे ऐतबार आज भी है।
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है…
:-अमित मिश्रा

जब से तुम मिले

जब से तुम मिले…

जब से तुम मिले एक रीत बन गए ,कही न कही दिल के छोटे से कोने के प्रीत बन गए।

जब से तुम मिले भोर प्रफुल्लित और सांझ मनहरखित हो गए,कही न कही दिल के छोटे से कोने के प्रीत बन गए।

जब से तुम मिले जीवन आशामय और कठिनाइयां कुछ क्षणों के मेहमान बन गए,कही न कही दिल के छोटे से कोने के प्रीत बन गए।

कुछ पल ऐसे भी आये जहाँ तुम्हारी यादें जैसे भूले बिसारे गीत बन गए किन्तु फिरसे मेरे मीत तुम मेरे जिंदगी के रीत बन गए।
:-अमित मिश्रा

कुछ अच्छा करना चाहता हूं

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ।

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने देश के लिए ताकि मेरा देश हमेशा महान रहे।
कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने जन्मभूमि के लिए ताकि मेरे जन्मभूमि को सम्मान मिले।
कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने कर्मभूमि के लिए ताकि मेरे कर्मभूमि को कर्मदान मिले।
कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने खानदान के लिए ताकि मेरे पूर्वजो को गौरवगान मिले।
कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने आप मे ताकि मुझमे न कभी किसी को अभिमान मिले।

:-अमित मिश्रा

Amit mishra

सुना है बारिश बहुत है आपके शहर में ज्यादा भीग मत जाना,गलतफहमियां धूल गईं तो बहुत पछताओगे…
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

The good thing about bad time and the bad thing of good time is that both of these changes.
बुरे समय की अच्छी बात और अच्छे समय की बुरी बात ये है कि ये दोनों बदल जाते है।

:-अमित मिश्रा

Amit mishra

अपने सूची में खुद्दार लोगो को रखिये न की खुदगर्ज क्योंकि अगर कभी आपको खुद्दार लोग छोर के जाएंगे तो आपको सिख मिलेगा लेकिन जब आपको खुदगर्ज लोग छोर के जाएंगे तो आप दूसरों के लिए सिख बनेंगे।
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

चुप रहना सबसे सटीक उत्तर है कुछ प्रश्नों और कुछ परिस्थितियों का न केवल मूर्खों के सामने बल्कि बुद्धिमानों के सामने भी।
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

अगर आपको अपनी जिंदगी बहुत कठिन लगती है,तो याद रखिये बिना suffer के कोई सफर पूरा नही होता।
:-अमित मिश्रा