बांकी है।

अभी तो इन आँखों मे एहतराम बांकी है,
अभी तो इन लबों पे सुकुन-ए मुश्कान बांकी है,
अभी तो बदले हुए लोगों से जमाने को बदल देने का इन्तेक़ाम बांकी है
चलते जाना है,बढ़ते जाना है क्योंकि मेरे दोस्त अभी तो इंतकाल बांकी है।
:-अमित मिश्रा

बदला

#salutetoindianforces
#salutetoairforce

45 जवानों के शहादत के बदले 200-300 आतंकवादियों की मौत।
300किलो विस्फोटक का जवाब 1000 किलो विस्फोटक।
एक कार के बदले 12 मिराज लड़ाकू विमान,12 ठिकाने वो भी बारहवें दिन।
कश्मीर में आतंकवादियों को भेजकर हमला कराने का बदला नाकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बल्कि पाकिस्तान में घुसकर आतंक का सफाया( मुजफ्फराबाद,चकोटी,बालाकोट)।

#जयहिंद🇮🇳
:-अमित मिश्रा 💐🇮🇳🇮🇳🙏

Nature

कोन केहता है जमीन-आसमान में बहुत अंतर है,मुझे तो अंततः दोनों मिलते ही दिखते है।
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

अक्सर लोगो को ये सवाल करते पाया मैने की तुम/आप बदल गए।
तो मेरा भी उनसे प्रतिउत्तर में कोई जवाब के बदले बस 3 सवाल ही होता है कि…
1)क्या समय वैसा ही है?
2)क्या हमारे परस्थितियां वैसे ही है?
3)क्या आप वैसे ही है?

और यकीन मानिये 95% लोगो के पास इसके बाद न कोई सवाल होता है ना जवाब…

:-अमित मिश्रा

Amit mishra

बेवकूफ है वो लोग जो कहते है इश्क़ और जंग में सब जायज है,क्योंकि अगर ऐसा है तो इश्क़ का नाम लेके जो लकड़ियों के साथ गलत किया जाता है वो भी जायज है और जंग का नाम लेके जो नागरिकों और जवानों के साथ किया जाता है वो भी जायज है।
ये दोनों ही चीज़ें अगर इंसानियत के दायरे में किया जाए तो इतिहास बनती है नही तो सर्वनाश का कारण…
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

सुना था इंसान में इंसानियत होना बहुत जरूरी होता है, लेकिन आजकल के समय में ना ही कोई इंसान नजर आता है और नियत का क्या कहे वो तो जग जाहिर है।
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

इस दुनिया मे उम्मीद सिर्फ खुद से करना चाहिए।खुद से करोगे तो निखर जाओगे और दूसरों से करोगे तो बिखर जाओगे।
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

भरोसा खुद पे करना चाहिए ,क्योंकि दूसरों के कंधों पर केवल जनाजे निकलते है जिंदगी नही निकलती।
:-अमित मिश्रा

Amit mishra

भींगना चाहिए बारिश में, क्या पता जरूरत थी मन धोने की और हम रोज तन धोने के भ्रम में हो।
:-अमित मिश्रा